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अव्यय की पहचान और कालवाचक अव्यय
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जिन शब्दों का रूप लिंग, विभक्ति और वचन बदलने पर भी नहीं बदलता, वे अव्यय हैं।
सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वासु च विभक्तिषु।
वचनेषु च सर्वेषु यन्न व्येति तदव्ययम्॥
| अव्यय | अर्थ | अव्यय | अर्थ |
|---|---|---|---|
| अद्य | आज | अधुना / इदानीम् / सम्प्रति | अब, इस समय |
| ह्यः | बीता हुआ कल | श्वः | आने वाला कल |
| परश्वः | परसों (आने वाला) | पुरा | पहले, प्राचीन काल में |
| यदा … तदा | जब … तब | कदा | कब |
| सदा / सर्वदा | हमेशा | कदापि | कभी भी |
| प्रातः | सुबह | सायम् | शाम |
| दिवा | दिन में | नक्तम् | रात में |
| शीघ्रम् / सत्वरम् | जल्दी | शनैः | धीरे-धीरे |
| चिरम् | देर तक | पुनः | फिर |
Remember
ह्यः और श्वः में भ्रम हो तो लकार से जोड़ें: 'ह्यः' के साथ लङ् (भूत) — 'ह्यः अपठम्'; 'श्वः' के साथ लृट् (भविष्य) — 'श्वः पठिष्यामि'।
Common mistake
'अधुना' का अर्थ 'आधा' या 'कभी' समझना। अधुना = अब।
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'ह्यः' अव्यय का अर्थ?