Concept 1 · free preview
स्वर और उनके भेद
Understand
वर्ण भाषा की सबसे छोटी ध्वनि-इकाई है, जिसके और टुकड़े नहीं हो सकते। वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता के, स्वतन्त्र रूप से होता है, वे स्वर हैं। हिन्दी में 11 स्वर लिखे जाते हैं: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
| आधार | भेद | स्वर |
|---|---|---|
| उच्चारण-समय (मात्रा) | ह्रस्व (एक मात्रा) | अ, इ, उ, ऋ |
| उच्चारण-समय (मात्रा) | दीर्घ (दो मात्रा) | आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ |
| उच्चारण-समय (मात्रा) | प्लुत (तीन मात्रा, पुकारने में) | ओ3म्, हे राम3 (3 = प्लुत-चिह्न) |
| बनावट | मूल स्वर | अ, इ, उ, ऋ |
| बनावट | सजातीय दीर्घ | आ (अ+अ), ई (इ+इ), ऊ (उ+उ) |
| बनावट | संयुक्त (सन्धि) स्वर | ए (अ+इ), ऐ (अ+ए), ओ (अ+उ), औ (अ+ओ) |
Rule
ह्रस्व स्वर बोलने में सबसे कम समय (एक मात्रा) लगता है।
ए, ऐ, ओ, औ दो भिन्न स्वरों के मेल से बने हैं, इसलिए संयुक्त स्वर कहलाते हैं और ये दीर्घ होते हैं।
ऋ लिखने में स्वर है, पर हिन्दी में इसका उच्चारण ‘रि’ जैसा होता है।
Example
‘ओ’ = अ + उ (जैसे सूर्य + उदय = सूर्योदय में अ + उ मिलकर ओ बना)। ‘ए’ = अ + इ (देव + इन्द्र = देवेन्द्र)।
Common mistake
‘ऐ’ और ‘औ’ को ह्रस्व मान लेना गलत है — सभी संयुक्त स्वर दीर्घ हैं। ह्रस्व स्वर केवल चार हैं: अ, इ, उ, ऋ।
Check yourself
‘औ’ किन दो स्वरों के मेल से बना है?