Concept 1 · free preview
वर्तनी शुद्धि के नियम
Understand
वर्तनी का अर्थ है शब्द को लिखने का शुद्ध रूप। परीक्षा में चार में से एक शुद्ध रूप चुनना होता है; ज़्यादातर गलतियाँ छोटी-बड़ी मात्रा, रेफ (र्) की जगह, आधे अक्षर और प्रत्यय जोड़ने में होती हैं।
Rule
रेफ (र्) जिस अक्षर से पहले बोला जाता है, उसके ऊपर लगता है: आशी-र्-वाद → आशीर्वाद (रेफ 'वा' पर)
संधि से बने शब्द तोड़कर देखें: उत् + ज्वल = उज्ज्वल; अति + अधिक = अत्यधिक; उपरि + उक्त = उपर्युक्त
'-इक' प्रत्यय लगने पर प्रायः पहले स्वर की वृद्धि होती है: इतिहास → ऐतिहासिक, प्रमाण → प्रामाणिक, समाज → सामाजिक, दिन → दैनिक
'-अनीय' और '-ईय' प्रत्यय: पूज् + अनीय = पूजनीय, राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय (पूज्यनीय, पूजनिय अशुद्ध)
'-मती/-वती' स्त्रीलिंग शब्दों में अंत में दीर्घ ई: श्रीमती, बुद्धिमती, भगवती
| अशुद्ध | शुद्ध | कारण |
|---|---|---|
| आर्शीवाद, आशिर्वाद | आशीर्वाद | आशीः + वाद; रेफ 'वा' पर, 'शी' दीर्घ |
| उज्जवल, उज्वल | उज्ज्वल | उत् + ज्वल (ज् + ज्व) |
| अत्याधिक | अत्यधिक | अति + अधिक (इ + अ = य) |
| उपरोक्त | उपर्युक्त | उपरि + उक्त (इ + उ = यु) |
| एतिहासिक | ऐतिहासिक | इ → ऐ (वृद्धि) |
| प्रमाणिक | प्रामाणिक | प्र → प्रा (वृद्धि) |
| श्रीमति | श्रीमती | स्त्रीलिंग '-मती' |
| पूज्यनीय | पूजनीय | पूज् + अनीय ('पूज्य' में योग्य का अर्थ पहले से है) |
Remember
दूसरे सामान्य शब्द: अनाधिकार → अनधिकार, सन्यासी → संन्यासी, कवियत्री → कवयित्री, अहिल्या → अहल्या, दृष्टा → द्रष्टा, सौन्दर्यता → सौन्दर्य, उन्नति (शुद्ध), परीक्षा (शुद्ध)।
Common mistake
'उपरोक्त' बोलचाल में चलता है, पर मानक दृष्टि से शुद्ध 'उपर्युक्त' है — परीक्षा में यही चुनें।
Check yourself
'अत्याधिक' और 'अत्यधिक' में शुद्ध कौन है?