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संज्ञा और उसके भेद
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किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। मुख्य भेद तीन हैं — व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक। जातिवाचक के अंतर्गत द्रव्यवाचक और समूहवाचक को भी अलग भेद माना जाता है, इसलिए कई पुस्तकों में कुल पाँच भेद मिलते हैं।
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक | किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम | गंगा, हिमालय, राम, लखनऊ |
| जातिवाचक | पूरी जाति / वर्ग का नाम | पर्वत, नदी, लड़का, शहर |
| भाववाचक | गुण, दशा, भाव या क्रिया-व्यापार का नाम (छू नहीं सकते) | मिठास, ईमानदारी, बचपन, थकान |
| द्रव्यवाचक | नाप-तौल वाले पदार्थ (गिन नहीं सकते) | दूध, सोना, पानी, गेहूँ |
| समूहवाचक | समूह का नाम | सेना, सभा, कक्षा, भीड़ |
Rule
जातिवाचक से: बच्चा → बचपन, मनुष्य → मनुष्यता, मित्र → मित्रता, लड़का → लड़कपन
विशेषण से: मीठा → मिठास, सुन्दर → सुन्दरता, ईमानदार → ईमानदारी, अच्छा → अच्छाई
क्रिया से: पढ़ना → पढ़ाई, हँसना → हँसी, थकना → थकान, लिखना → लिखावट
सर्वनाम से: अपना → अपनापन, मम → ममता, निज → निजता
अव्यय से: दूर → दूरी, निकट → निकटता
Example
'हिमालय' व्यक्तिवाचक है (एक ही पर्वत), पर 'पर्वत' जातिवाचक (सभी पर्वत)। 'ईमानदारी' भाववाचक है। अतः जातिवाचक का उदाहरण 'पर्वत' है।
Remember
भाववाचक संज्ञा की रचना पूछी जाए तो मूल शब्द पहचानें: बचपन में 'बच्चा' (संज्ञा) छिपा है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा से बनी है; मिठास में 'मीठा' (विशेषण)।
Common mistake
'बचपन' को विशेषण से बना मान लेना। 'बच्चा' व्यक्ति/प्राणी का नाम है — जातिवाचक संज्ञा।
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'मित्रता' किस शब्द-भेद से बनी भाववाचक संज्ञा है?