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हिन्दी साहित्य का इतिहास – Notes, Rules & Examples

7 concepts · हिन्दी

हिन्दी भाषा (Hindi Language)7 conceptsEnglish + हिंदी30 practice questions

Concept 1 · free preview

काल-विभाजन और नामकरण

Understand

हिन्दी साहित्य के इतिहास को चार कालों में बाँटने वाला सबसे प्रचलित विभाजन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के ग्रन्थ 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' (1929) से आया है। शुक्लजी ने हर काल का नाम उस समय की प्रमुख प्रवृत्ति के आधार पर रखा।

कालशुक्लजी का नामसमय (विक्रम संवत्)प्रमुख प्रवृत्ति
आदिकालवीरगाथा काल1050 – 1375वीरता-प्रधान रासो काव्य
पूर्व मध्यकालभक्तिकाल1375 – 1700निर्गुण और सगुण भक्ति
उत्तर मध्यकालरीतिकाल1700 – 1900लक्षण-ग्रन्थ, शृंगार
आधुनिक कालगद्यकाल1900 से आगेगद्य विधाओं का विकास

Rule

  • आदिकाल के दूसरे नाम: आदिकाल (हजारीप्रसाद द्विवेदी), सिद्ध-सामन्त काल (राहुल सांकृत्यायन), बीजवपन काल (महावीरप्रसाद द्विवेदी), चारण काल (रामकुमार वर्मा)

  • रीतिकाल के दूसरे नाम: अलंकृत काल (मिश्रबन्धु), शृंगार काल (विश्वनाथप्रसाद मिश्र)

  • भक्तिकाल = हिन्दी साहित्य का 'स्वर्ण युग' (कबीर, जायसी, सूर, तुलसी)

  • हिन्दी साहित्य का पहला इतिहास फ़्रेंच विद्वान गार्सा द तासी ने लिखा माना जाता है

Remember

शुक्लजी का क्रम: वीरगाथा → पूर्व मध्य (भक्ति) → उत्तर मध्य (रीति) → गद्य। 'पूर्व' पहले आता है, इसलिए भक्ति; 'उत्तर' बाद में, इसलिए रीति।

Common mistake

'उत्तर मध्यकाल' को भक्तिकाल समझ लेना। उत्तर मध्यकाल = रीतिकाल; पूर्व मध्यकाल = भक्तिकाल।

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शुक्लजी ने आधुनिक काल को क्या नाम दिया?

6 more concepts in this note

  1. आदिकाल: रासो काव्य, खुसरो, विद्यापति
  2. भक्तिकाल: शाखाएँ, कवि, रचनाएँ और अष्टछाप
  3. रीतिकाल: रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त
  4. आधुनिक काल: युग, रचनाकार और पत्रिकाएँ
  5. छायावाद के चार स्तम्भ
  6. ज्ञानपीठ पुरस्कार और हिन्दी साहित्यकार

हिन्दी साहित्य का इतिहास in your exam syllabus

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FAQs

What do the हिन्दी साहित्य का इतिहास notes cover?

7 concepts: काल-विभाजन और नामकरण, आदिकाल: रासो काव्य, खुसरो, विद्यापति, भक्तिकाल: शाखाएँ, कवि, रचनाएँ और अष्टछाप, रीतिकाल: रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त, आधुनिक काल: युग, रचनाकार और पत्रिकाएँ, छायावाद के चार स्तम्भ and more. Each concept has an explanation, rules, solved examples and common mistakes.

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Yes. Every concept is available in English and हिंदी; switch the language at the top of the note.

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